जैसी हाथ में आये
वैसी जिंदगी
जीनी ही पडती
क्या सत्य
क्या असत्य
शब्दों में कहाँ
होता कुछ
परिभाषित
हर दिन नया
रात अनोखी
बाहरी मुस्कुराहटो में
अक्सर छुपी रहती
एक गहरी उदासी
हर पल उलझा
ऊन के गोले-सा
स्वयम ही सब
सुलझा-सुलझा
सलाई पर सलाई
बुननी होती
वैसी जिंदगी
जीनी ही पडती
क्या सत्य
क्या असत्य
शब्दों में कहाँ
होता कुछ
परिभाषित
हर दिन नया
रात अनोखी
बाहरी मुस्कुराहटो में
अक्सर छुपी रहती
एक गहरी उदासी
हर पल उलझा
ऊन के गोले-सा
स्वयम ही सब
सुलझा-सुलझा
सलाई पर सलाई
बुननी होती
The monotony is all pervasive . I know it to my heart.
its me only who can do romance
may with me myself
I know my heart wishes
something its only known to it
but I have goaded
look my dear heart
I am not that bad
my heart opens an encyclopedia of its wishes
brain brings
what I shall have to know
I know I can make it

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